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क्यों जागें हम जल्दी ?

हेल्थ का मामला तो हमारे जागने के साथ  प्रारम्भ हो जाता है….यदि मैं कहूंगा की सुबह जल्दी जागना चाहिए आप हेल्थी रहेंगे तो आप भी सोचेंगे की इसमें कौनसी बड़ी बात है.. मुझे लगता है लगभग हम सभी का यह अनुभव है की जल्दी जागना हेल्थ के लिए अच्छा होता है पर फिर भी हम यह मानने को तैयार नहीं होते की सुबह जग जायें!
आखिर क्यों होता है ऐसा ?? और कई लोगों की तो नींद ही नहीं खुलती …

देखिये  रात को 7 -8 घंटे की नींद तो चाहिए, साइंस की माने तो नींद भोजन से भी ज्यादा जरुरी है ।यदि आप पूरी नींद नहीं ले पा रहें है तो अच्छा होगा की पहले नींद पूरी लें, जिन लोंगो को रात मैं जागना पड़ता है जैसे सिक्योरिटी, नाइट शिफ्ट मैं काम करने वाले इत्यादि, इन लोंगो को पहले अपनी नींद पूरी करनी चाहिए  जागने का टाइमिंग इतना मायने नहीं रखता है ।

जल्दी जागने का मतलब होता है-

सूर्योदय से पहले

रिसर्च तो यंहा तक कहती है की जल्दी जागने वाले लोग ज्यादा क्रिएटिव होते हैं |

कुछ हद तक यह बात भी सही है | वैसे तो बहुत सारी साइंस की बातें जो सुबह जल्दी जागने को लेकर हैं मिल जाएँगी पर यंहा दो रिसर्च को विशेष रूप से बताना चाहता हूँ । इन रिसर्च पेपर्स के हवाले से मैं आपको कारणों के साथ बताऊंगा की जल्दी क्यों जागना चाहिए –

प्रथम रिसर्च पेपर :एनर्जी लेवल से सम्बंधित है । 

प्रथम रिसर्च पेपर :एनर्जी लेवल से सम्बंधित है ।

प्रथम स्टडी : इसके अनुसार सुबह के समय जागने वाले व्यक्तियों की ऊर्जा बनी रहती है |

ऊर्जा बने रहने का प्रमुख कारण है-Hypothalamic-pituitary-adernal gland (HPA)की activity सुबह के समय प्रॉपर रहती है |

एच-पी-ए में एच में हाइपो-थैलेमस के लिए प्रयोग किया जाता है, मस्तिष्क का एक छोटा सा हिस्सा जो एक बहुत बड़ा काम करता है इसका कार्य मस्तिष्क से संदेश एड्रेनल, पिट्यूटरी और अन्य अंगों को भेजना है, इसलिए इसे आमतौर पर एचपीए अक्ष में प्रारंभिक बिंदु माना जाता है। यह आखिरकार आपके सर्कैडियन लय (Biological Clock), आपके शरीर का तापमान और आपके ऊर्जा के स्तर जैसी चीजों के लिए ज़िम्मेदार है।

पिट्यूटरी ग्रंथि हाइपोथेलेमस से भी छोटी है, लेकिन यह अनेक संख्या में हार्मोन उत्पन्न करता है जो हमारे शरीर की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए, इस मटर के आकार के ग्रंथि में ग्रोथ हार्मोन, एंटी-डाय-यूरिटिक हार्मोन और ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन जैसे महत्वपूर्ण हार्मोन पैदा होते हैं। यह  हाइपोथैलेमस से जुड़ा हुआ है और मस्तिष्क के lower portion पर स्थित होता है ।

अंत में, हमारे पास अधिवृक्क ग्रंथियां (Adernal Glands) हैं हमारे पास दो हैं, और वे हमारी गुर्दे के ऊपर स्थित हैं। यद्यपि हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी ग्रंथियों से शारीरिक रूप से अलग है, लेकिन वे गहराई से जुड़े हुए हैं।

एड्रनलल्स, पिट्यूटरी ग्रंथि की तुलना में और भी हार्मोन का उत्पादन करते हैं – कोर्टिसोल, स्टेरॉयड हार्मोन, डीएचईए जैसे सेक्स हार्मोन, और एड्रेनालाईन और डोपामाइन जैसे  हार्मोन। एड्रनल्स द्वारा निर्मित हार्मोन हमारे शरीर के बड़े हिस्सों में रासायनिक प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।

Now we discuss second research paper-

सेकंड रिसर्च पेपर: जो  Neurology से सम्बंधित है ।

 

 लोकोमोटिव एक्टिविटी का मतलब होता है की मस्तिष्क के विचारों को तुरंत मूर्त रूप देना|

एक स्टडी मैं यह प्रयोग किया गया की जो लोग सुबह जल्दी जागते हैं उनकी एक्शन लेने की आदत ज्यादा होती है ऐसे लोग तुरंत कार्य सही ढंग से निष्पादित कर देते है |

“This study investigated the relationship between locomotion and morningness–eveningness. As locomotors strive for psychological movement towards goals, waking up early in the morning was hypothesized to match their concerns for immediate action. Participants were 342 psychology students (Mage = 24.69) from the University of Rome “La Sapienza” who completed the locomotion scale and the morningness questionnaire. As hypothesized, results indicate that individuals who have a strong locomotion orientation are more morning-oriented.”

सुबह जागने के सीधे सीधे फायदों मैं है कुछ बिमारियों मैं बचाव जो की निम्न है ।

  1. स्ट्रेस एवं नर्वस सिस्टम से रिलेटेड  (Anxiety, depression and parkinson) डिसऑर्डर नहीं होंगे|
  2. Eye Related disorder
  3. Muscle spasm
  4. Autoimmune inflammatory diseases

निष्कर्ष के तौर पर हम यह कह सकते हैं की सुबह उठना महज कोई शौक नहीं यह आपके स्वास्थ्य का मामला है ।

 

1 thought on “क्यों जागें हम जल्दी ?

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